इस बड़े जहाँ में किस शहर जाएँ कि कोई अपना मिल जाए,
नींद तो रोज़ आती है, वो कौन सी रात सोयें कि कोई सपना दिख जाए।

उजाला करने कि खातिर शमा ख़ुद को बना लिया,
हो जाऊ किस तरेह रोशन ?
कि कोई परवाना जल जाए।

अफ़साने तो हमने भी कई सुने हैं
पर उनकी बात और है,
छेड़ दूँ साज़ कहाँ से मैं कि कोई नगमा बन जाए।

प्यार तो किसी से दिल से ही किया है,
पर सिखा दे अंदाज़ मोह्होबत का ,
कि 'रेणु' का भी कोई दीवाना हो जाए..

PostHeaderIcon शुभ कामनाए


आपकी रचना अच्छी लगी
प्यार तो किसी से दिल से ही किया है,
पर सिखा दे अंदाज़ मोह्होबत का ,
कि 'रेणु' का भी कोई दीवाना हो जाए..

PostHeaderIcon दिवाने कि तलाश


श्रीमती रेणूजी
आपकी रचना पर मेरी प्रतिक्रिया स्वीकार किजीए

दिवाने कि तलाश कि युक्ती मै बतलाता हू
मिलेगा वही तुम्हे जो बेगानो मे से हो
दिवानो कि तलाश तो दिवानो को होती है
क्या तुम भी उन्ही दिवानो मे से हो

बबलु गुप्ता

PostHeaderIcon उन्ही


उन्ही किसी दीवा ने मे हमे भी रख लीजीअए

जब कोइ मिल जाए हमे ओर्रो कि तरह निकल देना
जब तक दिल बह ला लेना

PostHeaderIcon आपकी रचना अच्छी लगी जल्द हि आपको वो दिवाना मिल जायेगा


२३ साल कि इस उम्र मे हम कभी किसी से दिल लगाये नही,
लेकिन हमे यकी है , जब भी किसी से दिल लगायेगे,
दिवानगी मे इस कदर उतर जायेगे ,हर कोई कहेगा कि गुलाब बडे दिलवाले है,
रेणु जी आप भी मेरे दिल की करिब से गुजरे बिना रह नही पयेगे!
[मात्राये सुधार कर पडे ध्न्यावाद]

PostHeaderIcon हमे बहुत खुशी हुआ कि आपको दिवाना कि तलाश है


मेरा प्रतिक्रिया स्वीकार करे.
अगर कोई हमे चाहे तो हम उन्हे अपनी दिवानगी दिखायेगे,
खुद को भूल जायेगे लेकिन उन्हे नही भूल पायेगे,
हम अपनी बात कह्ते है हम किसी का दिल नही दूखयेगे.
[मै मे अह्॓कार कि भावना होती है इसी लिए हम का प्रयोग करते है ]

PostHeaderIcon प्यार किया है तो अंदाज ये मोहब्बत आ ही गया


गर प्यार किया है
तो अंदाज़ -ए-मोहब्बत आ ही गया
गर दिवाने हो तो दिवानों की चाहत क्यों करते हो
गर रेणु हो, तो होने की चिंता क्यों ?

साज़ छेड़ा ही जा चुका है
गीत गाया ही जा चुका है
गर शमा खुद को बना लिया है
तो परवानों को जलाने की जिद्द क्यों ?

यह जहाँ भी अपना है और शहर भी अपना
फर्क सिर्फ इतना है कि बेगाना पराया समझा है
लेकिन सपना जो झूठा है अपना समझा है
और बेगाना जो वास्तव है उसे दूसरा समझा है ।

इस द्वि को खत्म करो और रेणु को प्रेम करो
जहां प्रेम है वहां सब साज़ औ सामान बेकार धरो
जीवन को प्रेम करो तो रेणु प्रेम है ...
प्रेम का दूसरा नाम रेणु है ।

भाषा बदलें ।
हिंदी
अंग्रेजी

Ctrl+\ दबाके भाषा बदलें ।
हिन्दी दिवस

सभी सदस्यों, लेखकों, वाचकों तथा हिंदीप्रेमियों को हिंदीभाषी परिवार की ओर से हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

सदस्य आगमन
सक्रिय सदस्य
इस समय 0 सदस्य और 3 अतिथि आये है।
नया कौन है?
  • Buchanan25DOROTHY
  • कविता वर्मा
  • anup rajput
  • vicon628
  • Vankurik