हिन्दवासियो

आज भारतवर्ष मे आप जहाँ भी गमन करे,प्रांतवाद का दानव मुह फाड़े खड़ा है गुजरात हो या बंगाल,तमिलनाडु हो या कर्नाटक.हर तरफ किसी भी राज्य से आने वाले नागरिकों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है. इसका जीवंत उदाहरण महाराष्ट्र है क्या प्रांतवाद को बढ़ावा देनेवाले देशद्रोही नही है ?
जय हिन्द
बबलु गुप्ता

PostHeaderIcon प्रांतवाद का स्थान भारत मे नही है


प्रांतवाद का स्थान भारत मे नही है, कारण देश की आजादी के लिए सभी ने अपना रक्त बहाया हैं. सभी ने भरकस प्रयास कर भारत नाम की 'अमर ज्योति' को प्रज्वलित किया है, प्रांतवाद के दानव को प्रेम और सोहार्द जैसे अस्त्रों से ही परास्त किया जा सकता है.प्रेम और बंधुत्व का प्रसारण ही प्रांतवाद का एकमात्र निवारण है.
मिलिन
जयहिन्द

PostHeaderIcon प्रान्तवा


प्रान्तवाद आज आतन्कवाद से बडा मुद्दा है ,प्रान्तवाद के कारण भाई भाई का दुश्मन बन गया है ! हमारे नेता बोट कि रजनीति के लिये प्रान्तवाद को बडाबा देते है ! महाराष्ट्र मॅ ठाकरे , दक्षिण मे कई नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण प्रान्तवाद , भाषा बाद जैसे मुद्दो को बनाये रखना चाहते है ! हमे येसे नेताओ से बच्कर रहना चाहिये

भाषा बदलें ।
हिंदी
अंग्रेजी

Ctrl+\ दबाके भाषा बदलें ।
हिन्दी दिवस

सभी सदस्यों, लेखकों, वाचकों तथा हिंदीप्रेमियों को हिंदीभाषी परिवार की ओर से हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

सदस्य आगमन
सक्रिय सदस्य
इस समय 0 सदस्य और १ अतिथि आये है।
नया कौन है?
  • कुमर गौरव
  • Buchanan25DOROTHY
  • कविता वर्मा
  • anup rajput
  • vicon628