{१}:- शादी मे दुल्हे का, घर मे चुल्हे का, सावन मे झुले का गजब मह्त्व है.
{२}:- दिन मे काम का, रात मे आराम का, बात मे जबान का गजब मह्त्व है.
{३}:- जिन्दगी मे तारिख का, काम मे बारीक का, नोकरी मे सिफारिश का गजब मह्त्व है.
{४}:- शरीर मे जान का, काम मे ईमान का, तिरथ मे दान का गजब मह्त्व है.
{५}:- दिया मे बाती का, रामायण मे सम्पाती का, व॓श मे नाती का गजब मह्त्व है.
{६}:- अदालत मे केश का, जिन्दगी मे शेस का, तकदीर मे लेख का गजब मह्त्व है.
{७}:- लड्की मे चेहरा का, धूप मे सुन्हरा का, शादी मे सेहरा का गजब मह्त्व है.
{८}:- बचपन मे तालीम का, पेड मे नीम का, मोबाईल मे सीम का गजब मह्त्व है.
{९}:- नश मे रम का, स॓ख्या मे सम का, बच्चे मे जनम का गजब मह्त्व है.
{१०}:- फूल मे मदार का, तलवार मे धार का, जीवन मे प्यार का गजब मह्त्व है।
लेखक- रवि नारायण साहु तमनार [रायगड् छ्ग.]
राम नही बसते धरती के मंदिर और शिवालो में
या चन्दन टीका करके बस भोग लगाने वालो में
वे मर्यादा की प्रधानता का प्रतीक हैं , संबल है
उन हृदयों में राम बसें ,जो प्रेम भाव से विह्वल हैं