हा मै सच का सामना " जैसे कार्यक्रम के पक्श मै हू , यदि उनमै नेताओ को बुलाया जाये और उनसे सच उगलवाया जाये !
व्यक्तिगत जीवन पर पूछे गये प्रश्न सिर्फ कर्यक्रम की व्यावसायिक सफलता को ध्यान मै रखकर तैयार किये गये है !
आजकल छोटे छोटे बच्चे भी टी आर पी का मतलब और असलियत जानते है , जिनके लिये ऐसे "मसालेदार" कर्यक्रम तैयार किये जाते है !
"सच का सामना" मे खास हस्तियो को बुलाया जाये और उनसे सकारात्मक सोच वाले उम्दा सवाल पूछे जाये तो " जीना इसी का नाम है " और
"जिदगी लाइव " जैसे कर्यक्रमो के जितना लोकप्रिय भी हो सकता है और सार्थक भी !
सच का सामना जैसे कार्यक्रम मे व्यक्तिगत जीवन पर पूछे गये प्रश्नो के कुछ उत्तर ऐसे होते है जो परिवार के साथ नही देखे जा सकते, छोटे छोटे बच्चे भी उन बातो का मतलब और असलियत जान जाते है, जोकि उनके मन्-मश्तिश्क पर गलत प्रभाव डालते है इसलिये केवल मनोरन्जन के लिये ऐसे मसालेदार कार्यक्रम दिखाना उचित नही है
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हा मै सच का सामना " जैसे कार्यक्रम के पक्श मै हू , यदि उनमै नेताओ को बुलाया जाये और उनसे सच उगलवाया जाये !
व्यक्तिगत जीवन पर पूछे गये प्रश्न सिर्फ कर्यक्रम की व्यावसायिक सफलता को ध्यान मै रखकर तैयार किये गये है !
आजकल छोटे छोटे बच्चे भी टी आर पी का मतलब और असलियत जानते है , जिनके लिये ऐसे "मसालेदार" कर्यक्रम तैयार किये जाते है !
"सच का सामना" मे खास हस्तियो को बुलाया जाये और उनसे सकारात्मक सोच वाले उम्दा सवाल पूछे जाये तो " जीना इसी का नाम है " और
"जिदगी लाइव " जैसे कर्यक्रमो के जितना लोकप्रिय भी हो सकता है और सार्थक भी !
अपना पक्ष जाहिर करने के लिए धन्यवाद ।
सच का सामना जैसे कार्यक्रम मे व्यक्तिगत जीवन पर पूछे गये प्रश्नो के कुछ उत्तर ऐसे होते है जो परिवार के साथ नही देखे जा सकते, छोटे छोटे बच्चे भी उन बातो का मतलब और असलियत जान जाते है, जोकि उनके मन्-मश्तिश्क पर गलत प्रभाव डालते है इसलिये केवल मनोरन्जन के लिये ऐसे मसालेदार कार्यक्रम दिखाना उचित नही है
धन्यवाद !
आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद !
मनोज कुमार