गुरू के बिना ईश्‍वर प्राप्ति


सहजो कारज जगत के, गुरू बिन पूरे नाहिं।
हरि तो गुरू बिन क्‍यों मिलें, सोच समझ मन माहिं।।
सहजो बाई के विचारानुसार गुरू के बिना ईश्‍वर प्राप्ति असम्‍भव है। आपके विचार?