जन्‍म शताब्‍दी पर श्रद्धासुमन अर्पण


भगत सिंह की
जन्‍म शताब्‍दी पर

भगत सिंह,
चन्‍द्रशेखर आजाद,
राजगुरू,
सुखदेव के चरणों में
शत-शत नमन

भगत सिंह अहसान हैं तेरा
हर ईक भारतवासी पर
भारतमां-भारतवासी
कुर्बान तेरी कुर्बानी पर

भगतसिंह को नमन !

जीवन के २१ साल पुरे होने तक जंहा हम होश नही संभाल पाते वहां भगतसिंह ने अपने आदर्शों के लिये फांसी पर चढना पसंद किया | उन्होंने पुरे जोश मे और होश मे यह राह चुनी थी | उनका लिखा हुवा साहित्यभी पढने लायक है|

जहां तक मुझे पता है , भारत देश के लिये संपुर्ण स्वतंत्रता की मांग भगतसिंहने ही पहली बार की, तब तक सब लोग स्वायत्तता मांग रहे थे वो आधी थी |याने कॉलोनी की अंतर्गत स्वायत्तता| पहली बार भगतसिंह ने संपुर्ण स्वतंत्रता की मांग की और सारे देशने उस को समर्थन दिया| तब अगले कॉग्रेस के वार्षीक संमेलन मे जो की लाहोर मे हुवा था और पं. नेहरू उसके अध्यक्ष थे वहां २६ जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप मे मनाये जाने की शपथ ली थी |

इस आदर्श क्रांतिकारी को प्रणाम|