शोक मे डूबे हुए पल नियति करती लग रही छल ...
प्रेषक गिरीशबिल्लोरे ( 3 अगस्त, 2007 - 09:58 ) ।
शोक मे डूबे हुए पल
नियति करती लग रही छल
वेदना के शूल चुभते
आंख झरती आज पल-पल,
ईश्वर की व्यवस्था
शोक भी है तय अवस्था !
आपकी इस वेदना में साथ हैं हम !
दूर से ही भले साथी
संवेदना का अनुनाद हैं हम !!
शोक में विश्वास प्रभू का तोड़ना मत
साथियों का साथ साथी छोड़ना मत...
जाने वाले को मिले मुक्ति यहाँ से
आपको भी सहन शक्ति मिले वहां से !!
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