वाङ्मय

गोपाल सिंह नेपाली स्मृति निबंध प्रतियोगिता


भाषा, साहित्य और संस्कृति की वेब-पत्रिका सृजनगाथा डॉट कॉम, काव्यांजलि (बहुभाषीय एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन हेतु प्रतिबद्ध रेडियो सलाम नमस्ते, डलास, अमेरिका) के संयुक्त तत्वाधान में हिंदी के प्रभापुरुष एवं गीतकार स्व.

आज़ादी के छह दशक बाद हिंदी साहित्य


भारत की आज़ादी के छह दशकों में हर चीज़ में बदलाव आया है -सियासत में, विचारधाराओं में, समाज में, महिलाओं की स्थिति में. लेकिन साहित्य ने इन परिवर्तनों को किस तरह से लिया है. क्या ये परिवर्तन साहित्य में दिखाई पड़ते हैं और किस तरह?

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