सामाजीक

मित्रता------रक्षाबन्‍धन पर विशेष


मित्रता पवित्र सम्बन्ध है। ये मनुष्य की मूल आवश्यकताओ भोजन, वस्त्र इत्यादि की तरह ही महत्वपूर्ण है। अपने सुख-दुख को हम अपने मित्रो को शेअर करके जीवन की जटिलता को सरलता मे परवर्तित कर सकते है। मित्र के दुख को अपना दुख समझ उसे यथा सम

हमारी स्वतंत्रता


आज संपुर्ण भारतवर्ष अपनी आजादी के हिरकमहोत्सवी वर्ष को बडे धुमधाम से मना रहा है| हमे स्वतंत्र हुये ६० साल हो चुके है| आज का यह दिन उन विरों को याद करने का है जिन्होने अपनी जान पर खेल कर यह आजादी हमे दी | उन सभी विरों का स्मरण कर उनके यो

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गान्धी सेवा संगठन का फिलहाल कॊई अस्तित्व नहीं है। वास्तव में यह १०-१२ युवा लॊगॊं का समूह है जिसकी शुरूआत हाल ही में हुई है। हुआ यूं कि एक युवक अपनै घर के किसी निकट पार्क मे गया। परन्तु वह पार्क इतना गन्दा था वह यह सॊच कर वहां से लॊट आ

हँसो और हँसाओं


दुनिया भी विचित्र है, मुस्कराते व्यक्ति को महान नहीं बताएँगी, जितना उदास,गम्भीर व्यक्ति उतना ही दुनिया को उसमें महानता नज़र आती है।

पहला झूठ


चून्‍नू पापा से पैन लेने के लिए हठ कर रहा, तो पापा ने पैन को ऊपर की ओर करके गिरबान में छिपाकर कहा- पैन कौआ ले गया। दूसरें दिन चून्‍नू बिस्किट खा रहा था। पापा- बेटे, पापा को भी दो बिस्किट। पहले दिन जैसे पापा ने किया था वैसा ही अभिनय करते

भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड वृद्धि


भारत की अर्थव्यवस्था में पिछले साल 9.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि हुई, जो करीब दो वर्षों में सबसे तेज दर है । परंतु आगामी वर्ष में वृद्धि का स्तर कुछ कम हो सकता है ।

आज़ादी के छह दशक बाद हिंदी साहित्य


भारत की आज़ादी के छह दशकों में हर चीज़ में बदलाव आया है -सियासत में, विचारधाराओं में, समाज में, महिलाओं की स्थिति में. लेकिन साहित्य ने इन परिवर्तनों को किस तरह से लिया है. क्या ये परिवर्तन साहित्य में दिखाई पड़ते हैं और किस तरह?

राष्ट्रपती पद का चुनाव


हमारे वर्तमान राष्ट्रपती डॉ.

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