क्या टेलीविज़न पर आप "सच का सामना" जैसे विषयों पर आधारित कार्यक्रमों का स्वागत करते हैं ? अपने पक्ष में उचित तर्क भी दें ?
जब गम का प्याला भर जाये
छलकने को हो गया तयार
सारी आप बीती बताने को दिल हो गया बेकरार
हम आइने के सामने आ जाते है
ओर उसे सारा हाल - ए - दिल सुनाते है
फिर चुप चाप अपने ताबूत मे सो जाते है
मक्खियों के दाँत नहीं होते. उनके मुँह के भाग कुछ ऐसे होते हैं जो स्पंज की तरह काम करते हैं और भोजन को सोख लेते हैं. इसलिए उनका भोजन तरल होना चाहिए. उनकी जीभ उस स्ट्रॉ जैसी होती है जिससे हम ठंडा पेय पीते हैं.
नौकर (मालिक से)- जब कोई ग्राहक सामान खरीदने आता है तो आपको कैसे पता चलता है कि ये प्रेमी-प्रेमिका हैं या पति-पत्नी। मालिक ने कहा- जो चुपचाप सामान खरीद ले वह प्रेमी-प्रेमिका, और जो मेरे साथ झगड़ें समझ लेना वो पति-पत्नी हैं।
"बावरे-फकीरा"
पोलियो ग्रस्त बच्चों की मदद के लिए भक्ति-एलबम शीघ्र ही आपके हाथ में होगा
*गीतकार:- गिरीश बिल्लोरे मुकुल
*स्वर :- # आभास-जोशी,[स्टार-प्लस , वॉइस-ऑफ़-इंडिया प्रतिभागी ]
# संदीपा-पारे,
# ७० कोरस स्वर दाताओं के साथ
हिन्द-युग्म यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता के आयोजन की यह सातवीं उद्घोषणा है। हर बार प्रतियोगिता में नये आकर्षण जुड़ते रहते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि अधिक से अधिक लेखकों और पाठकों को कुछ न कुछ भेंट कर पायें। चूँकि हमारा सा