शुभकामना
मित्रता------रक्षाबन्धन पर विशेष
प्रेषक आजाद ( 18 अगस्त, 2007 - 11:59 ) ।
मित्रता पवित्र सम्बन्ध है। ये मनुष्य की मूल आवश्यकताओ भोजन, वस्त्र इत्यादि की तरह ही महत्वपूर्ण है। अपने सुख-दुख को हम अपने मित्रो को शेअर करके जीवन की जटिलता को सरलता मे परवर्तित कर सकते है। मित्र के दुख को अपना दुख समझ उसे यथा सम
हमारी स्वतंत्रता
प्रेषक नीलकांत ( 15 अगस्त, 2007 - 11:30 ) ।
आज संपुर्ण भारतवर्ष अपनी आजादी के हिरकमहोत्सवी वर्ष को बडे धुमधाम से मना रहा है| हमे स्वतंत्र हुये ६० साल हो चुके है| आज का यह दिन उन विरों को याद करने का है जिन्होने अपनी जान पर खेल कर यह आजादी हमे दी | उन सभी विरों का स्मरण कर उनके यो
