संस्कृति

होली के नए रंग


फागुन आते ही फिजां की रंगत रंगीन होने लगती है और लोगों पर फागुनी रंग चढ़ जाता है। हर तरफ मौज मस्ती, हल्ला-गुल्ला और गीत-संगीत से सारा आलम सराबोर। बदले वक्त ने होली का स्वरूप भले ही आधुनिक कर दिया हो, लेकिन होली के लोकगीतों में जो छ

भारतीय संस्कृति के स्तम्भ


चार वेद- ऋग्वेद, यर्जुवेद, सामवेद, अथर्ववेद ।

दस उपनिषद्- ईश, कठ, केन, प्रश्‍न, मुण्डक, मांडूक्य, तैतरीय, ऐतरय, छान्दोग्य, वृहदारण्यक ।

हिन्दी


हिन्दी जो भारत और विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, उसकी जड़े प्राचीन भारत की संस्कृत भाषा में तलाशी जा सकती है। परंतु हिन्दी साहित्य की जड़े मध्युगीन भारत की ब्रजभाषा, अवधी, मैथिली और मारवाड़ी जैसी भाषा

Syndicate content