मुंशी प्रेमचंद ने चार सौ से अधिक कहानियाँ लिखी हैं । उनके प्रमुख कहानी संग्रह निम्नानुसार हैं :
१. मानसरोवर
२. सप्त सरोज
३. नवनिधि
४. सप्त सुमन
५. प्रेम-पूर्णिमा
६. प्रेम द्वादशी
७. प्रेम तीर्थ ।
मनुष्य के व्यक्तित्व में सबसे बड़ा अंतर्द्वन्द्व इस मान्यता से पैदा होता है कि उसका शरीर और उसकी आत्मा विरोधी सत्य हैं । यह स्वीकृति आधारभूत रूप से मनुष्य को विभाजित कर देती है । फिर स्वभावत: इन दोनों विभाजित खेमों में संघर्ष और कल
दो राजकुमार आखेट के लिए घुमते हुए किसी घने वनीय क्षेत्र में विपरीत दिशाओं से आते हुए एक स्थान पर आकर रुके, जहां एक विशाल मूर्ति स्थापित थी । पहला राजकुमार उस मूर्ति को देख कर बोला - आश्चर्य !
धर्म के प्रति आधुनिक मन में बड़ी उपेक्षा है । और यह अकारण भी नहीं है । धर्म का जो रूप आंखों के सामने आता है, वह न तो रुचिकर ही प्रतीत होता है और न ही धार्मिक । धार्मिक से अर्थ है : सत्य, शिव और सुंदर के अनुकूल । तथाकथित धर्म वह वृत्ति ही नह
मित्रों आपके सामने अपने प्रकाशित उपन्यास "भारत/INDIA" से पेज १५६-१५८ तक के कुछ अंश जो मुख्य पात्र भारत द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर स्कूल समारोह में कहे जाते है प्रस्तुत कर रहा हूँ | अपनी प्रतिक्रियाँ दे ...........|
बच्चे जिगयासू होते हैं , और सीखना चाहते हैं / उनके हाथ मे आए हुए खिलौने , सामानो की खोलखाल , तोड़फोड़, इसी का परिणाम है/ उनकी यही गिग्यसा उनके सीखने का आधार होती है / आइसिस गिग्यसा के चलते उनकी खोज-बीन शुरू होती है जिनका सीखने मे महत्वपु
झींगा शेर तालाब के किनारे काँस के झुंडों के बीच में अपने भूखे बच्चों और पत्नी के साथ बैठा सूरज की मीठी धूप में ऊँघ रहा था | इस समय उसकी आँखें बंद थी ओर वह अपने सुनहरे दिनों के सपनों में खोया हुआ था उसे अपनी जवानी के उन दिनों की याद आ रह